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नया वर्ष के नाम पत्र

 नवका साल के नामे चिट्ठी  प्रिय नवका साल  सादर प्रणाम      का हो साल तू केतना जल्दी बीत गईला कुछ समझ में ना आइल लोग कहत रहलन की साल दर साल उमर बढ़त गईल लेकिन , हम त कहत बानी की उमर बढ़ल त ना घट गईल , बाकि प्रकृति क नियम ह की क्षतिपूर्ति जरुर करे ले उमर त घटल बाकि अनुभव बढ़ गईल | लोगन के चेहरा पढ़े क हुनर भी मिलल , कुछ लोग कहलन की तू बदल गईला हमके त न बुझाइल की हम बदल गइनी लेकीन ह , इ जरुर कहब की समय की बदलत नब्ज़ के हम ना नकार पवनी आ , दायित्व निभावे में हम एइसन अंझुरा गइनी की बदलाव समझे ही ना पवनी आ धीरे -धीरे बाल आ खाल के रंग भी बदले लागल | लेकिन ,समय अइसन मुट्ठी से सरकल की कुछ समझे ना आइल | लोग सबेरे से कहे शुरु कइलन की हैप्पी न्यू ईयर , अब हम उनके का बताईं की हैप्पी त लोग तब होखेला जब अपना साथ कुछ बढ़िया होखे ला , हम का बताई खाली भर , बरिस   के पीछे क अंक बदले पर एतना हल्ला मचत बा - की का बताईं , इ खाली बाजार आ टीबी अउर व्हाट्स अप्प विश्व विद्यालय क फइलावल रायता ह , सरकार के भी फायदा बा -लोग कई अरब के त मदिरा पी जात बा...

डा०ओमशंकर के मुद्दे पर बहस क्यों

एक तर्क पूर्ण बहस

     मेरे सोशल मीडिया के एक समूह सदस्य ने मेरे एक लेख पर कहा डा०ओमशंकर विपक्ष के साथ  हैं  तो मुझे कहना हुआ आप भी सुनें --
अनशन स्थान से तस्वीर 

भगवान न करें किसी को हॉस्पिटल जाना हो , परन्तु आप अगर पूर्वांचल के होते तो यह पक्ष - विपक्ष ,जाति -वर्ग से ऊपर इस इहलौकिक भगवान (डा० ओमशंकर, चिकित्सक को धरती का भगवान कहा गया है ) की बातें प्राण से प्यारी लगती ,मुझे डॉ ओमशंकर नहीं जानते लेकिन मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं  वे लीक से हट कर काम करते हैं  ,जहाँ लगभग हर चिकित्सक बेजा दवा , कमीशन की दवा ,कमीशन की जांच लिखते हैं, वहीं इनकी जांच बीएचयू के भीतर होगी , दवा कहीं भी और  सस्ती मिलेगी  , जब तक डा०ओमशंकर विभागाध्यक्ष नहीं थे तब तक *2 डी ई को* की जांच के लिए  20 दिन के अन्तराल पर डेट मिलती थी अब 2डी ईको  की अधिकतम 4 घण्टे में  सत्यापित रिपोर्ट आपके हाथ में  होगी |शंकर की मशाल भगवाधारी के हाथ --क्लिक करें
        आज वे बीएचयू में  हृदय रोग विभाग में  बेड की संख्या बढाने और  आप ही के लिए  चिकित्सा के मौलिक अधिकार को लागू करने तथा  बीएचयू को भ्रष्टाचार  मुक्त करने के लिए  जीवन दाव पर लगा कर  आमरण अनशन पर बैठे हैं  ,
मुझे एक वाकया याद है उन दिनो मैं  वाराणसी में  था हमारे मित्र प्रतियोगी छात्र सुनील पटेल की माता जी की तबियत खराब हो गई  , बीएचयू में  स्ट्रेचर पर कुछ दिन इलाज हुआ परन्तु बेड न मिला मजबूरन सुनील को प्राइवेट हॉस्पिटल जाना पड़ा और  हम लोग कुछ न कर सके |
उसकी पीड़ा हमें आज भी है ,ऐसे ही कितने सुनील पटेल और  उनके परिजन इस भ्रष्टाचार के भेंट चढ़े होंगे अथवा काल के गाल में  समा गये  होंगे  |
अगर आप के धुंधले नजरिए में डॉ ओमशंकर विपक्ष के आदमी हैं तो ऐसा आदमी ठीक , धन्य हैं  आप जो इसे राजनैतिक रंग दिए मेरी भी आंख खुल गई   | आप निर्णय स्वयं कीजिये कि आप सुनील पटेल की पीड़ा में  घुट -घुट कर जिएंगे कि डॉ ०ओमशंकर के स्वास्थ्य, शिक्षा के मौलिक अधिकार  की मांग , भ्रष्टाचार मुक्त बीएचयू  के साथ खुल कर  रहेंगे |भूखे शंकर का संकल्प --क्लिक
     डा०साहब को ऐसे लोगों से परेशान नहीं  होना चाहिए  ,क्योंकि गैलिलियो बहुत पहले कहा पृथ्वी गोल है लेकिन  अतिवादी तथा अधूरे ज्ञान के लोग व कुंठित  विचारक उसे मूर्ख और विपक्ष के  साथ  बताते थे , सुंदरलाल बहुगुणा  , मेधा पाटेकर ,महात्मा गांधी  ,भगत सिंह  ,चंद्रशेखर आज़ाद  , सरदार पटेल  , सुभाष चन्द्र बोस  सबको तत्कालीन तानाशाह  और उनके गुलाम विपक्ष के साथ ही बताते थे |डा०ओमशंकर का बीएचयू में आमरण अनशन क्यों
#I_support_DrOmshankar_BHU


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