ससुराल की बखान एक ब्याहता बेटी जब अपने पीहर लौटती है , तो सभी भेंटहारन धीरे -धीरे अपने घर को चली जाती हैं, मां पास में बैठी होती है और पूछती है, बोल बिटिया ससुराल में सब केईसन बा... तो बिटिया अपनी माँ की जिज्ञासा का शमन गेय भोजपुरी संवाद में करती है....(यह संवाद उस समय का है जब मां और बिटिया के पास फोन नहीं था ) “अपनै अपन करीं केतनी बखान हो, सासु मोरी धरती, ससुर असमान हो। “जेठउत त हमरे ससुर के दुलरुआ, गंगा अस निरमल हमरी जेठान हो।” “लहुरा देवरूआ हमरी अँखिया के पुतरी, सासु जी के अँचरा के कोनवां परान हो।” “ननदी हमार पुनवासी के अँजोरिया, सईंया मोर उगें जइसे सुरुज बिहान हो।” “नइहर मोरा जइसे जल भर बदरा, मोरे ससुरे वइसे लहरै सीवान हो।” प्रथम पंक्ति में लड़की कहती है कि मैं अपने से अपना वर्ण कैसे करूं ... और आगे कहती है की मेरी सासू माँ तो इतनी धैर्यवान है , जितना धरती , पृथ्वी इतना विशाल ह्रदय और धैर्य वाली हैं, मेरी सासू माँ | ससुर जी का वर्णन करते हुए कहती है कि मेरे ससुर जी तो आकाश की तरह विशाल...
शिक्षक और परिवर्तन की मिशाल शिक्षक को परिवर्तन के लिए जाना जाता है। समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन तथा सुधारों के प्रतीक हैं, शिक्षक | अब उन शिक्षकों को एक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी है , जिनकी सेवा 6 अथवा 8 वर्ष है , हां उन्हें पास करना भी चाहिए क्योंकि वे राष्ट्र निर्माण की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। परन्तु क्या ऐसी परीक्षा जिसमें पिता और पुत्र एक साथ बैठ कर परीक्षा दें | उसके लिए अतिरिक्त समय , तैयारी और पुनः समायोजित तैयारी की जरुरत होगी | सरकारी शिक्षकों का दायित्व एक सरकारी शिक्षक को , बाल गणना , जनगणना , मकान गणना , बाढ़ नियंत्रण, बी एलओ, सफाई , एमडीएमए ,चुनाव और भी बहुत कुछ तब जा कर मूल दायित्व बच्चों को गढ़ कर नागरिक बनाना | मुर्गे की कहानी और शिक्षक जो समस्याएं आती हैं उनकी पटकथा और पृष्ठभूमि होती है। अनायास एक दिन में समस्याएं नहीं आ जाती. .. एक लोक कथा याद आ गई. . एक शानदार मुर्गा था कलंगीदार मस्तक , चमकीले पंख , चमकदार आंखे , मांसल पैर और वजनदार शरीर अर्...