गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। जरूरत है सियासत की , लोगों को प्रशिक्षित कर , गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं। तुम्हारी कौम क्या है , गोत्र क्या है , असलीयत क्या है , बे -वजह उचारे जा रहे हैं। सजग रहना ऐ मूल निवासियों, तुम्हारे बीच से , विभीषण निकाले जा रहे हैं। विविधता में एकता से , हलकान है सियासत , गुच्छे में बंधे विचार, बे खौफ पसारे जा रहे हैं। रंज , रंजिश , रंजय निरखकर , कलम से कर्ज उतारे जा रहे हैं। अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। विरंजय १८/११/२०२५
इसे साहस कहूँ या उस समय हम लोग विज्ञान स्नातक (B.sc.) के प्रथम वर्ष में थे, बड़ा उत्साह था ! लगता था कि हम भी अब बड़े हो गए हैं ! हमारा महाविद्यालय जिला मुख्यालय पर था और जिला मुख्यालय हमारे घर से 45 किलोमीटर दूर! जिन्दगी में दूसरी बार ट्रेन से सफर करने का अवसर मिला था और स्वतंत्र रूप से पहली बार | पढने में मजा इस बात का था कि हम विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी थे, तुलना में कला वर्ग के विद्यार्थियों से श्रेष्ठ माने जाते थे, इस बात का हमें गर्व रहता था! शेष हमारे सभी मित्र कला वर्ग के थे ,हम उन सब में श्रेष्ठ माने जाते थे परन्तु हमारी दिनचर्या और हरकतें उन से जुदा न थीं! ट्रेन में सफर का सपना भी पूरा हो रहा था, इस बात का खुमार तो कई दिनों तक चढ़ा रहा! उसमें सबसे बुरी बात परन्तु उन दिनों गर्व की बात थी बिना टिकट सफर करना | रोज का काम था सुबह नौ बजे घर से निकलना तीन किलोमीटर दूर अवस्थित रेलवे स्टेशन से 09.25 की ट्रेन पौने दस बजे तक पकड़ना और लगभग 10.45 बजे तक जिला मुख्यालय रेलवे स्टेशन पहुँच जाना पुनः वहाँ से पैदल चार किलोमीटर महाविद्यालय पहुंचना! मतल...


यात्रा वृतांत
ReplyDeleteAmazing
ReplyDeleteWah ji baht sunder
ReplyDeleteSunder
ReplyDeleteभारत को सांस्कृतिक विवधताओ का देश कहा जाता है यहां हर एक स्थान की अपनी एक सांस्कृतिक विशेषता है । जहां पूरब में पूर्वोत्तर के राज्य अपनी सांस्कृतिक विवधताओ के लिए जाने जाते हैं तो उतर के राज्यों में छत्तीसगढ़ और झारखंड । आर्थिक रूप से भले ही इन्हें बिमारु राज्यों की स्रेणी में रखा गया है लेकिन संस्कृतियों में आज भी इनहै अमीर की स्रेणी में गिना जाता है।जहां पश्चिमी संस्कृति तेजी से अपना पांव फ़ैला रही है वहीं आज भी ये राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बचाये हुए हैं।जो वास्तविक भारत की जीतीजागती मिसाल है।तो आपने यात्रा के दौरान वास्तविक भारत को देखा है।
ReplyDeleteजी आप ने सही समझा देखा
DeleteWah
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