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गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं

गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं  अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं,   पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं।  जरूरत है सियासत की ,  लोगों  को प्रशिक्षित कर , गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं।  तुम्हारी कौम क्या है , गोत्र क्या है ,  असलीयत क्या है , बे -वजह उचारे जा रहे हैं।  सजग रहना ऐ मूल निवासियों,  तुम्हारे बीच से  ,          विभीषण निकाले जा रहे हैं। विविधता में एकता से , हलकान है सियासत , गुच्छे में बंधे विचार,  बे खौफ पसारे जा रहे हैं।  रंज , रंजिश , रंजय निरखकर , कलम से कर्ज उतारे जा रहे हैं।  अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं,   पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं।     विरंजय १८/११/२०२५

माता- पिता बेटियों को संस्कार दें "रेप" जैसी घटनाएं रुक जाएंगी..

हाथरस में हुई घटना पर भारतीय जनता पार्टी के  बलिया बैरिया से विधायक सुरेन्द्र सिंह ने एक पत्रकार वार्ता में कहा "देखिए पत्रकार जी  मैं एम एल ए के साथ - साथ शिक्षक भी हूँ ,मुझे जो करना है मैं करुंगा, सरकार को जो करना है सरकार करेगी, लेकिन माता - पिता को भी चाहिए कि अपनी जवान बेटियों को सुसंस्कारित करें "
इस विधायक जैसे लोग लगभग हर पार्टी में मिल जाएंगे और इनके मन में यह चलता रहता है कि माता -पिता ने बेटियों को संस्कारित नहीं किया इस लिए बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं, और इन सनकी नेताओं के बयानों को जस्टिफाई करने उतरे हैं, उनके अंधभक्त चिंटू  अथवा चंडाल चौकड़ी और वे भूल जाते हैं कि हमारे घर भी बहन -बेटियां हैं, किसी पार्टी का कोई भी नेता अगर ऐसा नीच बयान दे तो हमें उसका विरोध करना चाहिए, संस्कार की कमी समाज की सोच और सरकार में तथा सरकार के बाहर बैठकर अपनी बहन- बेटियों के बारी की प्रतीक्षा कर रहे जस्टिफाई करने वाले चण्डालचौकड़ियों, चमचो- चिंटूओं के विचारों में है विधायक जी, भगवा चोला पहनकर बयान बाजी मत कीजिये .... 
#hathras

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