गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। जरूरत है सियासत की , लोगों को प्रशिक्षित कर , गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं। तुम्हारी कौम क्या है , गोत्र क्या है , असलीयत क्या है , बे -वजह उचारे जा रहे हैं। सजग रहना ऐ मूल निवासियों, तुम्हारे बीच से , विभीषण निकाले जा रहे हैं। विविधता में एकता से , हलकान है सियासत , गुच्छे में बंधे विचार, बे खौफ पसारे जा रहे हैं। रंज , रंजिश , रंजय निरखकर , कलम से कर्ज उतारे जा रहे हैं। अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। विरंजय १८/११/२०२५
आज महिला- पुरुष के पहनावे व पाश्चात्य संस्कृति के अनुकरण ने दीवाना, पागल या कायल बना दिया है, इसी बीच कोई उच्च शिक्षा प्राप्त भारतीय प्रशासनिक सेवा की सेवारत राजस्थान की आईएएस अधिकारी मोनिका यादव का देसी लुुुक सोशल मीडिया पर बेहद चर्चा में है। सीकर मूल की आईएएस अधिकारी का उदयपुर संभाग से भी गहरा नाता है। उनके पति आईएएस सुशील यादव उदयपुर संभाग के राजसमंद जिले में उपखंड अधिकारी पद पर सेवारत हैं और मोनिका यादव मातृत्व अवकाश पर हैं।
मोनिका यादव का सम्बन्ध सीकर जिले की श्री माधोपुर तहसील के गांव के फूलहर सिंह यादव वरिष्ठ आरएस की बिटिया मोनिका भी आईएएस बनीं परन्तु अपनी सांस्कृतिक परम्परा को नहीं, छोड़ीं और आज भी शालीनता और सहजता से सादगी की प्रतिमूर्ति बनी हुई हैं, आज कोई स्त्री आंगनबाड़ी में सेवा करने लग जाती है तो, वेतन से अधिक किमत की साड़ी पहनने लग जाती है, नखरे नाक पर, एकदूसरे को नीचा दिखाने में लगी रहती हैं, लेकिन मोनिका यादव को देखें वह भारतीय प्रशासनिक सेवा की सबसे उच्च सेवा में हैं, और इस समय एक नौजात को जन्म दी है ं और मातृत्व अवकाश पर है ं , उनकी तस्वीर वायरल हो रही है....
फल वाले वृक्ष ही झुके रहते है। सूखे पेड़ अकड़ कर खड़े रहते है।
ReplyDeleteजी सही कहा आपने, धन्यवाद🙏
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