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नया वर्ष के नाम पत्र

 नवका साल के नामे चिट्ठी  प्रिय नवका साल  सादर प्रणाम      का हो साल तू केतना जल्दी बीत गईला कुछ समझ में ना आइल लोग कहत रहलन की साल दर साल उमर बढ़त गईल लेकिन , हम त कहत बानी की उमर बढ़ल त ना घट गईल , बाकि प्रकृति क नियम ह की क्षतिपूर्ति जरुर करे ले उमर त घटल बाकि अनुभव बढ़ गईल | लोगन के चेहरा पढ़े क हुनर भी मिलल , कुछ लोग कहलन की तू बदल गईला हमके त न बुझाइल की हम बदल गइनी लेकीन ह , इ जरुर कहब की समय की बदलत नब्ज़ के हम ना नकार पवनी आ , दायित्व निभावे में हम एइसन अंझुरा गइनी की बदलाव समझे ही ना पवनी आ धीरे -धीरे बाल आ खाल के रंग भी बदले लागल | लेकिन ,समय अइसन मुट्ठी से सरकल की कुछ समझे ना आइल | लोग सबेरे से कहे शुरु कइलन की हैप्पी न्यू ईयर , अब हम उनके का बताईं की हैप्पी त लोग तब होखेला जब अपना साथ कुछ बढ़िया होखे ला , हम का बताई खाली भर , बरिस   के पीछे क अंक बदले पर एतना हल्ला मचत बा - की का बताईं , इ खाली बाजार आ टीबी अउर व्हाट्स अप्प विश्व विद्यालय क फइलावल रायता ह , सरकार के भी फायदा बा -लोग कई अरब के त मदिरा पी जात बा...

फालतू फोन से किनारा करिए और भारत को विश्वगुरु बनाएं... आइये मिलें -चेतन भगत से

मशहूर विचारक और लेखक चेतन भगत के विचार से हम पूरी तरह से सहमत हैं, आप हमें अवगत कराएं.... 
  आज की युवा पीढ़ी फोन और स्मार्ट फोन की लत में ऐसी पड़ी की धंसती  जा रही है, पब जी की तरह की गेम, सोशलमीडिया तथा फोन आधारित विभिन्न बैड मनोरंजन के साधन  तथा स्वत: ,  अकारण, ऐसे ही,कुछ नहीं, बस यूँ ही जैसे शब्दों के साथ फोन पर  भिड़े रहना लगभग 4  से पांच घंटे गंवाना  क्या यह भारत निर्माण के लक्षण नहीं, इसलिए हमें चेतन भगत के विचारों से सहमत होना होगा.... 
  आप अपने विचार से अवगत कराएं... 

Comments

  1. Kisi bhi bat ki ati nuksan karegi hi karegi

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  2. 1.5 से 2 जीबी डेटा इसीलिए दिया जा रहा है कि आप इन्हीं मुद्दों पर सोचें।

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    1. यही मुफ्त डेटा हानिकारक भी है.. ,

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  3. Sir aap aise hi desh Pradesh aur samaj ke muddo ko likhate rahiye

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    Replies
    1. जी आप ऐसे प्रोत्साहन प्रेषित करते हैं, इसलिए हम लिखते हैं...

      Delete

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