नवका साल के नामे चिट्ठी प्रिय नवका साल सादर प्रणाम का हो साल तू केतना जल्दी बीत गईला कुछ समझ में ना आइल लोग कहत रहलन की साल दर साल उमर बढ़त गईल लेकिन , हम त कहत बानी की उमर बढ़ल त ना घट गईल , बाकि प्रकृति क नियम ह की क्षतिपूर्ति जरुर करे ले उमर त घटल बाकि अनुभव बढ़ गईल | लोगन के चेहरा पढ़े क हुनर भी मिलल , कुछ लोग कहलन की तू बदल गईला हमके त न बुझाइल की हम बदल गइनी लेकीन ह , इ जरुर कहब की समय की बदलत नब्ज़ के हम ना नकार पवनी आ , दायित्व निभावे में हम एइसन अंझुरा गइनी की बदलाव समझे ही ना पवनी आ धीरे -धीरे बाल आ खाल के रंग भी बदले लागल | लेकिन ,समय अइसन मुट्ठी से सरकल की कुछ समझे ना आइल | लोग सबेरे से कहे शुरु कइलन की हैप्पी न्यू ईयर , अब हम उनके का बताईं की हैप्पी त लोग तब होखेला जब अपना साथ कुछ बढ़िया होखे ला , हम का बताई खाली भर , बरिस के पीछे क अंक बदले पर एतना हल्ला मचत बा - की का बताईं , इ खाली बाजार आ टीबी अउर व्हाट्स अप्प विश्व विद्यालय क फइलावल रायता ह , सरकार के भी फायदा बा -लोग कई अरब के त मदिरा पी जात बा...
दर्ज होनी चाहिए प्राथमिकी
आए दिन अखबारों / मिडिया की विश्वसनीयता पर उठ रहा है प्रश्न चिन्ह |
अखबार हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किसी भी खबर की बिना पड़ताल किए सनसनी बनाने अथवा टीआरपी बढाने के लिए झूठी खबरें प्रकाशित और प्रसारित कर रहे हैं |
हर व्यक्ति इन विधर्मी मीडिया वालों की खबरों का मण्डन करने में संलिप्त है |
खबरों की पड़ताल तो सम्बंधित व्यक्ति ही कर सकता है |
परन्तु यह कटिंग प्रदेश के सभी शिक्षक समूहों में तैर रही है (सबसे अविश्वसनीय माध्यम सोशलमीडिया / ह्वाट्सएप यूनिवर्सिटी ) |
कौन बताएगा प्रदेश भर के लोगों को की नहीं अधिकारी इसमें संलिप्त नहीं है ं, और कौन विश्वास करेगा |
वाकया है मीरजापुर जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग का चुनाव के समय शिक्षा क्षेत्र जमालपुर अन्तर्गत अलग - अलग तीन विद्यालयों पर नियुक्त शिक्षिकाओं क्रमशः अनामिका चौरसिया, राधा और मीनू सिंह का जिसके ऊपर एक कथित सम्मानित समाचार पत्र ने आरोप लगाते हुए खबर प्रकाशित की है कि उपर्युक्त अध्यापिकाएं वर्षो से अनुपस्थित हैं और वेतन भुगतान हो रहा है |
परन्तु एक आरोप सही है कि ये अध्यापिकाएं अनुपस्थित हैं परन्तु यह आरोप निराधार और असत्य है कि इनका वेतन भुगतान हो रहा है |
क्योंकि एक पत्रक जो श्रीमान खण्ड शिक्षा अधिकारी जमालपुर द्वारा विधानसभा चुनाव 2022 के समय तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी को प्रेषित है कि उपर्युक्त शिक्षिकाएं लम्बी अवधि से अनुपस्थित हैं और इनका वेतन अवरुद्ध है| जो यह साबित करता है कि वेतन भुगतान नहीं हो रहा है और यह प्रकरण विभाग के संज्ञान में है |
अत: कथित सम्मानित समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित खबर से सम्पूर्ण बेसिक शिक्षा विभाग व शिक्षक समाज की मानहानि हुई है |
लिहाजा इस खबर की सही से पड़ताल होनी चाहिए अगर खबर असत्य हो तो उपर्युक्त समाचार पत्र के सम्पादक /ब्यूरो प्रमुख अथवा जिम्मेदार पर प्राथमिकी क्यों न दर्ज कराई
जाए | जिससे इस अनुचित व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो | परन्तु अगर खबर सत्य हो तो सम्बंधित जिम्मेदार को दण्डित किया जाना चाहिए |
पत्रकारिता का गिरता स्तर लोकतंत्र व समाज के लिए खतरा है |


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