गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। जरूरत है सियासत की , लोगों को प्रशिक्षित कर , गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं। तुम्हारी कौम क्या है , गोत्र क्या है , असलीयत क्या है , बे -वजह उचारे जा रहे हैं। सजग रहना ऐ मूल निवासियों, तुम्हारे बीच से , विभीषण निकाले जा रहे हैं। विविधता में एकता से , हलकान है सियासत , गुच्छे में बंधे विचार, बे खौफ पसारे जा रहे हैं। रंज , रंजिश , रंजय निरखकर , कलम से कर्ज उतारे जा रहे हैं। अब तो कागज , खंगाले जा रहे हैं, पोथियों में दफ्न पुरखे निकाले जा रहे हैं। विरंजय १८/११/२०२५
आज जिला बलिया के रसरा कस्बे के कोटवारी मोड़ पर आक्रोशित भीड़ ने दौड़ा- दौड़ा कर पीटा,
रसड़ा के कोटवारी मोड़ पर चाचा भतीजे की के जमीन विवाद में पुलिस की एक तरफा कार्यवाही , का आरोप लगाकर जाम लगाकर आवागमन बाधित किए थे,
उसी समय एस एस पी मय पुलिस बल पहुंचे और भीड़ हटाने की गुजारिश करने लगे तभी भीड़ के लोगों ने पुलिस पर एक तरफा कार्यवाही और एक युवक की बेतरतीब पिटाई का आरोप लगाकर दौड़ा - दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया,
पुलिस कर्मियों ने भागकर जान बचाई,
जो भी हो, जनता को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.....
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