नवका साल के नामे चिट्ठी प्रिय नवका साल सादर प्रणाम का हो साल तू केतना जल्दी बीत गईला कुछ समझ में ना आइल लोग कहत रहलन की साल दर साल उमर बढ़त गईल लेकिन , हम त कहत बानी की उमर बढ़ल त ना घट गईल , बाकि प्रकृति क नियम ह की क्षतिपूर्ति जरुर करे ले उमर त घटल बाकि अनुभव बढ़ गईल | लोगन के चेहरा पढ़े क हुनर भी मिलल , कुछ लोग कहलन की तू बदल गईला हमके त न बुझाइल की हम बदल गइनी लेकीन ह , इ जरुर कहब की समय की बदलत नब्ज़ के हम ना नकार पवनी आ , दायित्व निभावे में हम एइसन अंझुरा गइनी की बदलाव समझे ही ना पवनी आ धीरे -धीरे बाल आ खाल के रंग भी बदले लागल | लेकिन ,समय अइसन मुट्ठी से सरकल की कुछ समझे ना आइल | लोग सबेरे से कहे शुरु कइलन की हैप्पी न्यू ईयर , अब हम उनके का बताईं की हैप्पी त लोग तब होखेला जब अपना साथ कुछ बढ़िया होखे ला , हम का बताई खाली भर , बरिस के पीछे क अंक बदले पर एतना हल्ला मचत बा - की का बताईं , इ खाली बाजार आ टीबी अउर व्हाट्स अप्प विश्व विद्यालय क फइलावल रायता ह , सरकार के भी फायदा बा -लोग कई अरब के त मदिरा पी जात बा...
हाथरस में गैंग रेप एक ह्रदय विदारक
हाथरस की बेटी कहूँ या भारत की बेटी कहूँ, आरोपित भी तो भारत के ही हैं, गैंग रेप, जीभ काटना, रीढ़ की हड्डी तो भारत की टूटी है और छलनी हो रहा है, कलेजा हर बेटी वाले का, इसे किसी, दलित, पिछड़ा , गरीब या अमीर की आबरू कहूँ,
अब तो वो दम तोड़ दी, अब मोमबत्तियां लेकर निकलो, धरना दो लानत भेजो सरकारों को... पत्रकारों जमकर छापो अपने आकाओं, बापों के कहे शब्दों को.. जो आज किसी मीडिया ने नहीं दिखाया. क्योंकि उनके लिए सबसे बड़ी खबर है ही नहीं...
अस्मिता बेचो अपनी बहन - बेटियों की...
देखो और प्रतीक्षा करो अपने बारी की...
वहाँ मिलता है मेरा अपना ही बदन जख्मी,
जहाँ तीर से घायल कोई हिरन देखा,
अजीब है दुनिया की दास्ताँ,
सभी पे चलते समय एक सा कफ़न देखा,
जुबां है और ,बयां और ,उसका मतलब और,
अजीब आज की दुनिया का व्याकरन देखा,
लुटेरे- डाकू भी अपने पे नाज करने लगे,
उन्होंने आज जो "योगी" का आचरन देखा,,..
#hathrasgangrap
#बेटी_बचाओ
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