नवका साल के नामे चिट्ठी प्रिय नवका साल सादर प्रणाम का हो साल तू केतना जल्दी बीत गईला कुछ समझ में ना आइल लोग कहत रहलन की साल दर साल उमर बढ़त गईल लेकिन , हम त कहत बानी की उमर बढ़ल त ना घट गईल , बाकि प्रकृति क नियम ह की क्षतिपूर्ति जरुर करे ले उमर त घटल बाकि अनुभव बढ़ गईल | लोगन के चेहरा पढ़े क हुनर भी मिलल , कुछ लोग कहलन की तू बदल गईला हमके त न बुझाइल की हम बदल गइनी लेकीन ह , इ जरुर कहब की समय की बदलत नब्ज़ के हम ना नकार पवनी आ , दायित्व निभावे में हम एइसन अंझुरा गइनी की बदलाव समझे ही ना पवनी आ धीरे -धीरे बाल आ खाल के रंग भी बदले लागल | लेकिन ,समय अइसन मुट्ठी से सरकल की कुछ समझे ना आइल | लोग सबेरे से कहे शुरु कइलन की हैप्पी न्यू ईयर , अब हम उनके का बताईं की हैप्पी त लोग तब होखेला जब अपना साथ कुछ बढ़िया होखे ला , हम का बताई खाली भर , बरिस के पीछे क अंक बदले पर एतना हल्ला मचत बा - की का बताईं , इ खाली बाजार आ टीबी अउर व्हाट्स अप्प विश्व विद्यालय क फइलावल रायता ह , सरकार के भी फायदा बा -लोग कई अरब के त मदिरा पी जात बा...
सरकारी स्कूलों में कायाकल्प अभियान के तहत आधारभूत संरचना की सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण शिक्षा विभाग व पंचायतीराज विभाग मिलकर कर रहे हैं, जिसमें चौदहवें वित्त का धन खर्च कर के स्कूलों की स्टोन लगी फर्श , परिसर में इंटरलॉकिंग, आधुनिक सुविधा युक्त शौचालय (बालक, बालिका अलग- अलग) यूरेनल, हैंडवाश ईकाई, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, सबमरसिबल पम्प, पानी टण्की, दीवारों का रंग रोगन, दीवारों पर आवश्यक चित्रकारी, प्रेरक प्रसंग विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाएं, किचन शेड, कक्षा- कक्ष व परिसर में बिजली की व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाओं से युक्त करने का जिम्मा प्रधान जी को है,! कुछ जगह यह काम बहुत ही सही ढंग से हो भी रहा है लेकिन अधिकांश जहाँ इसमें लूट-खसोट ही मची है, निर्माण गुणवत्ता विहीन और मानक विहीन हो रहे हैं, कायाकल्प के नाम पर खुला भ्रष्टाचार हो रहा है! जिसकी जांच होने पर गुरु जी पर एफआईआर दर्ज हो रहा है, कहना ठीक है कि "खेत खाए गदहा मारल जाए जोलहा" ! इस पर विचार होना चाहिए की गुरु जी जेल क्यों जाएं---
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